चांपा (ऐश्वर्य सीजी24 न्यूज)छत्तीसगढ़ में गौवंश के संवर्धन, संरक्षण और चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। चांपा स्थित श्री कृष्ण गौशाला में जल्द ही ‘गौ अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र’ की स्थापना की जाएगी। इस सिलसिले में आज, 22 मई 2026 (शुक्रवार) को छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने गौशाला का दौरा किया और अनुसंधान केंद्र के लिए संभावित भूमि का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थित उच्चाधिकारियों को इस परियोजना को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
पंचगव्य और नस्ल सुधार पर होगा मुख्य फोकस
गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने बताया कि इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य गौ माता के गोबर और गोमूत्र पर आधारित उत्पादों (पंचगव्य) का परिशोधन कर विस्तृत अनुसंधान करना है। यहाँ पंचगव्य से औषधियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में इसकी महत्ता स्थापित हो सके। इसके साथ ही केंद्र में गौ पालन, नस्ल सुधार, संवर्धन और अहाता निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनमानस को गौ पालन के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
लंबे समय से की जा रही थी मांग
इस अनुसंधान केंद्र की स्थापना के पीछे स्थानीय प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भाजपा नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अखिलेश कोमल पांडेय ने बिलासपुर प्रवास के दौरान विशेषर पटेल से सौजन्य भेंट कर इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा था। पूर्व राज्यसभा सांसद एवं अनुसूचित जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नंदकुमार साय की सांसद निधि से मिले 10 लाख रुपए की लागत से श्री कृष्ण गौशाला में पहले ही नवीन भवन का निर्माण किया जा चुका है। अब इस बहुप्रतीक्षित मांग के पूरा होने से क्षेत्र के गौ सेवकों में हर्ष है।
गौशाला में बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार
भाजपा नेता अखिलेश कोमल पाण्डेय ने जानकारी दी कि गौशाला में सुरक्षा और आधुनिकता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही नए शेड, बाउंड्रीवॉल और सौर ऊर्जा (सोलर पैनल) की व्यवस्था की जाएगी। इन बुनियादी ढांचों के तैयार होते ही गौशाला में गौवंश की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके बाद विधिवत सरकारी अनुदान प्राप्त कर पंचगव्य निर्माण और वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया को तेज गति दी जाएगी।
इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के वरिष्ठ पशु चिकित्सक, गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय गौ सेवक उपस्थित थे।








