रायपुर (ऐश्वर्य सीजी 24 न्यूज) छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रांताध्यक्ष दुर्योधन यादव के नेतृत्व में संघ द्वारा आगामी 04 एवं 05 अगस्त 2026 को दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय विशाल आंदोलन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस आंदोलन में प्रदेशभर के संविदा शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारी शामिल होंगे।
शासन की वादाखिलाफ़ी से आक्रोश, अब संघर्ष ही रास्ता
संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के संविदा शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से अपनी मूलभूत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं। शासन स्तर पर लगातार सिर्फ आश्वासन मिला है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार की इसी उदासीनता के कारण संगठन ने व्यापक चर्चा और सभी कर्मचारियों की सहमति के बाद आंदोलन का मार्ग चुना है।
संघ की 5 प्रमुख मांगें:
१. विभाग में समायोजन: कलेक्टर समिति व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर शिक्षा विभाग में सीधे समायोजन किया जाए।
2. वेतन वृद्धि: सभी संविदा कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) लागू हो।
3. बीमा सुरक्षा कवच: शासकीय सेवा के दौरान सुरक्षा हेतु 50 लाख रुपये का बीमा कवच प्रदान किया जाए।
4. PF व सेवा सुरक्षा: भविष्य निधि (PF) की कटौती अनिवार्य रूप से शुरू हो और नौकरी की सेवा सुरक्षा लागू की जाए।
5. संविदा नियम में बदलाव: पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी हितकारी संविदा नियम लागू किए जाएं।
किसी भी स्थिति में नहीं टलेगा आंदोलन: दुर्योधन यादव
प्रांताध्यक्ष ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि इस बार का आंदोलन पूरी मजबूती, रणनीति और एकजुटता के साथ लड़ा जाएगा। इसे किसी भी परिस्थिति में टाला नहीं जाएगा। आंदोलन की सफलता के लिए प्रदेश के सभी संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को मैदान में उतरने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एकजुट होने की अपील
संगठन ने प्रदेश के कोने-कोने में कार्यरत समस्त संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकारों की रक्षा के लिए इस दो दिवसीय आंदोलन में रिकॉर्ड संख्या में पहुंचकर इसे ऐतिहासिक बनाएं। संघ का नारा है— “एकता ही संघर्ष की ताकत है, और संघर्ष ही अधिकार दिलाता है।”








