
पंजाब कांग्रेस में चुनाव से करीब 8 महीने पहले टूट का खतरा बढ़ गया है। बगावती तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी के गुट की प्रभारी भूपेश बघेल से मीटिंग टल गई है। चन्नी गुट की शर्तों के बाद यह मीटिंग कैंसिल कर दी गई। अब ये मीटिंग कल हो सकती है। मीटिंग को लेकर चन्नी गुट की 2 शर्तें थीं, जिनमें कांग्रेस भवन में न मिलने और उसमें प्रधान राजा वड़िंग के मौजूद न होने की बात कही गई थी। माना जा रहा है कि इन पर सहमति नहीं बनी। चन्नी के करीबी सोर्सेज का कहना है कि वह दिल्ली में ही राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं ताकि अगर उन्हें चुनाव में बड़ी भूमिका मिलती है तो उस पर बघेल नहीं बल्कि सीधे राहुल गांधी की मुहर हो। इसके बाद ही वह आगे कोई बड़ा फैसला लेंगे। वहीं कांग्रेस हाईकमान के किनारा करने के बावजूद पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी ने AICC के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के आगे सरेंडर से इनकार कर दिया है। बघेल 4 दिन से चंडीगढ़ में डटे हैं लेकिन चन्नी उनसे मिलने के लिए नहीं गए। आज (10 जुलाई) को खत्म होने वाला बघेल का 5 दिन का दौरा 3 दिन के लिए बढ़ सकता है। हालांकि इतना जरूर है कि चन्नी हाईकमान पर प्रेशर बनाने में कामयाब नहीं हो सके। उनके बातचीत के लिए राजी होने से 3 दिन से हाईकमान पर बना प्रेशर रिलीज हो गया। वहीं राजा वड़िंग पावरफुल बनकर निकले हैं। वह लगातार अपनी ताकत दिखा रहे हैं। बघेल भी हाईकमान के फैसले को सही ठहराने के लिए पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल जैसे नॉन एक्टिव नेताओं से तक मुलाकात करने के लिए उनके घर जा रहे हैं। जानिए, कांग्रेस के मौजूदा हालात में 2 एक्सपर्ट क्या कहते हैं? ****************** ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस हाईकमान के आगे झुका चन्नी गुट: 2 नेता चंडीगढ़ में AICC प्रभारी बघेल से मिलेंगे; सांसद रंधावा, MLA राणा-परगट के भी बोल बदले पंजाब कांग्रेस में बगावती तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी हाईकमान के किनारा करने के बाद झुक गए हैं। गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर रंधावा, कपूरथला से MLA राणा गुरजीत और जालंधर कैंट से MLA परगट सिंह के बोल बदल गए हैं। चन्नी गुट के 2 नेता AICC के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। इनमें सांसद रंधावा भी शामिल हैं। इन नेताओं का कहना है कि हमारी किसी से कोई नाराजगी नहीं है (पढ़ें पूरी खबर)





